ये मेरे शेर और क़तआत ---
Wednesday, 11 March 2020
ख़ुदा होकर
दिल को हम तोड़ नईं लेते तो और क्या करते,
वो जब भी सामने आया तो बस ख़ुदा होकर,
उर्मिला माधव
12.3.2018
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