ये मेरे शेर और क़तआत ---
Thursday, 12 March 2020
हंसने लगे
कुछ यूँ ही---
ज़र के मीज़ानों पै रखके दोस्ती जब तुल गयी,
हो गयी रस्साक़शी.....और लोग भी हंसने लगे......
उर्मिला माधव...
13.3.2014...
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