ये मेरे शेर और क़तआत ---
Wednesday, 25 March 2020
आगए
ग़म गुज़ारिश की तरह से आगये,
ज़ख्म खारिश की तरह से आगये.
फैसला करने की कूव्वत थी किसे,
अश्क़ बारिश की तरह से आगये,
उर्मिला माधव...
25.3.2016...
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