ये मेरे शेर और क़तआत ---
Thursday, 19 March 2020
मग़रूर है
सांस तक लेने में .......मुश्किल हो रही थी,
और वो कहते रहे,ये किस क़दर मग़रूर है...
उर्मिला माधव,
20.3.2017
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