ये मेरे शेर और क़तआत ---
Tuesday, 31 March 2020
आ न पाए
जो तराने रास दिल को आ न पाए,
वो ही दुनिया ने मुझे हरदम सुनाए,
बात बे बुनियाद है..पर सच कहूँगी,
रात की तन्हाई में....सब गुनगुनाए,
उर्मिला माधव...
1.4.2014...
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