Thursday, 22 August 2019

नूर ए हिंदुस्तान

ग़ैर मुल्क में चर्चे इसके नूर-ए-हिंदुस्तान हुई,
लाशों के अंबार पे बैठी, दिल्ली क़ब्रिस्तान हुई,
लाल किले की दीवारों से,परचम भी लहराता है,
सबको ख़बर है इसके पीछे किसकी जां क़ुर्बान हुई
उर्मिला माधव

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