ग़ैर मुल्क में चर्चे इसके नूर-ए-हिंदुस्तान हुई, लाशों के अंबार पे बैठी, दिल्ली क़ब्रिस्तान हुई, लाल किले की दीवारों से,परचम भी लहराता है, सबको ख़बर है इसके पीछे किसकी जां क़ुर्बान हुई उर्मिला माधव
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