मुहब्बत में ज़िद से बिछुड़ जाने वाला, भला दिल की क़ीमत लगाता भी कैसे, मुहब्बत की दुनियां, समझ ही न पाया, वफाओं की इज़्ज़त ...बचाता भी कैसे, उर्मिला माधव, 8.8.2017
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