ये मेरे शेर और क़तआत ---
Wednesday, 14 August 2019
तन्हाइयां
दिल बड़ा रखते थे,तेरे दर पे आ जाते थे हम,
अब हमें मंज़ूर हैं ता उम्र ये तनहाइयाँ…
उर्मिला माधव..
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment