Wednesday, 28 August 2019

तशहीर करूं

इस दर्द को क्या तशहीर करूँ,
किस मुंह से कोई तक़रीर करूँ,
ये अब तक है ..तनक़ीह तलब,
क्या लमहे को .....ज़ंजीर करूँ...
#उर्मिलामाधव
29.8.2015
तशहीर--- ढिंढोरा
तक़रीर---भाषण
तनक़ीह तलब---विचारणीय

No comments:

Post a Comment