परवरदिगार मुझको कभी होश में भी ला, अपनी तरफ़ से मुझको कोई रास्ता दिखा, इतना थका के रख दिया,इस वक़्त ने मुझे, अब रोज़ मैं ही आऊँ कभी चलके तू भी आ 20.8.2018
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