ये मेरे शेर और क़तआत ---
Sunday, 4 August 2019
गिरवीं रखीं
एक दिन तो फैसला होगा हमारा आपका,
आपकी आज़ादियाँ गिरवीं रखी हैं, आजकल
उर्मिला माधव
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