Monday, 26 August 2019

नहीं निकली

दिल  से जब आह भी नहीं निकली,
मुदत्तों .........ज़िन्दगी नहीं संभल
जब तिरा.....ज़िक़्र भी गुनाह हुआ,
फिर ये ..आवाज़ भी नहीं निकली..
उर्मिला माधव,
27.8.2017

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