मुझको हर इक सफ़र आख़री सा लगा, लोग कहते रहे.............ये शुरुआत है, रात ग़ुज़री तो......दिल ने कहा शुक्रिया, हर सहर को कहा,.....ख़ूब क्या बात है.. उर्मिला माधव
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