Saturday, 9 June 2018

आलम है

वाह! क्या रोशनी का आलम है !
सब दिखाई देता है क्या ग़म है ?
किसको फ़ुरसत है कौन सोचेगा ?
किसकी दुनियाँ में रोशनी कम है!
उर्मिला माधव
12.1.2013

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