अश्क़बर जो हो गई वो आँख मेरी ही रही, बा-रहा रुक सी गई वो साँस मेरी ही रही, आपसे अपने लिए माँगा नहीं कोई मरहम, जो रही जैसी रही वो आह मेरी ही रही... उर्मिला माधव 12.6.2013
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