Monday, 11 June 2018

मेरी ही रही

अश्क़बर जो हो गई वो आँख मेरी ही रही,
बा-रहा रुक सी गई वो साँस मेरी ही रही,
आपसे अपने लिए माँगा नहीं कोई मरहम,
जो रही जैसी रही वो आह मेरी ही रही...
उर्मिला माधव
12.6.2013

No comments:

Post a Comment