ये मेरे शेर और क़तआत ---
Sunday, 10 June 2018
समझाते रहे
जाने वाले बारी-बारी छोड़ कर जाते रहे,
और जो ज़िंदा रहे वो खुद को समझाते रहे..
उर्मिला माधव..
11.6.2015
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