Saturday, 30 June 2018

धुआं ही रहा

सच तो ये है कि सच नहीं ही कहा,
ख़ास किस्सा तो बस छुपा ही रहा,
मैंने ओलम का सिर्फ आ ही कहा,
आ से बस आग और धुंआ ही रहा.....
उर्मिला माधव...
1.7.2014...

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