ये मेरे शेर और क़तआत ---
Sunday, 10 June 2018
फ़नकारियाँ
चाँद तारे और फलक,लो हो गई महफ़िल हसीन,
शब बची और हम बचे,और वक़्त की फनकारियां
उर्मिला माधव
11.6.2016
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