तुझसे मेरा कलाम नईं होगा, यूँ ही किस्सा तमाम नईं होगा, ज़िंदगी भर के दाग़ बाक़ी हैं, इतना आसान काम नईं होगा... उर्मिला माधव 11.6.2015..
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