ये मेरे शेर और क़तआत ---
Thursday, 28 June 2018
इंतिहा करदी
थकान ढोते हुए आख़री सफ़र में रहे,
हमारे वक़्त ने उस पे भी इंतिहा करदी...
उर्मिला माधव
28.6.2018
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