मैं भी खुशियों की चाह करती हूँ, अपनी जानिब से,..राह करती हूँ, मेरे हाथों में कुछ नहीं है.....मगर, कोशिशें,.........बेपनाह करती हूँ Urmila Madhav... 26.6.2016
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