या लिखे गाली कभी और या लिखे लफ़्फ़ज़ियाँ, और मुहब्बत में लगाए ......कैसी-कैसी बाज़ियाँ, उसपै ये दावा .....कभी वो राम या फिर कृष्ण है, टेढ़ी-मेढ़ी हो गईं सब ........उसकी तीरन्दाज़ियाँ आज का ये युग पुरुष है... उर्मिला माधव... 10.6.2015..
No comments:
Post a Comment