बा-वफ़ा देखे..बे वफ़ा देखे.., ज़िन्दगी से सभी ख़फ़ा देखे, कोई मन्ज़िल पे जाके भी रोया, कोई ...राहों में फ़लसफ़ा देखे..... उर्मिला माधव.. 26.6.2014..
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