ये तो सच है मैं कोई आकिल नहीं, हाँ जहान-ए-दर्द में …काहिल नहीं, देखती हूँ इक फ़क़त बाब-ए-सुखन, बस किसी भी दौड़ में शामिल नहीं, उर्मिला माधव .. 22.1.2017
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