इबादत में.................दुआएं ढूंढते हो, अदावत में................सदायें ढूंढते हो, मियाँ तुम कैसे अहमक हो जो अब तक, मुहब्बत में................वफायें ढूंढते हो.... उर्मिला माधव... उर्मिला माधव... 22.1.2014..
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