Tuesday, 30 January 2018

तूफ़ान आने दो

जो कोई आग हो दिल में तो उसको रंग लाने दो,
हुजूम-ए-दर्द को यूँ ही कहीं ना डूब जाने दो,
जो ये भरपूर साज़िश है ज़माने की ज़माने से,
कभी ख़ामोश रहकर भी कोई तूफ़ान आने दो।..उर्मिला माधव..
31.1.2013

No comments:

Post a Comment