Tuesday, 23 January 2018

क़ता

मुझको ख्वाहिश कहाँ है शोहरत की,
जो भी कुछ है ,..मेहर है क़ुदरत की,
मेरी उल्फ़त तो ,....बस कलम से है,
उम्र भर ,...इसके साथ शिरक़त की,
#उर्मिला
24.1.2015...

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