मुझको ख्वाहिश कहाँ है शोहरत की, जो भी कुछ है ,..मेहर है क़ुदरत की, मेरी उल्फ़त तो ,....बस कलम से है, उम्र भर ,...इसके साथ शिरक़त की, #उर्मिला 24.1.2015...
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