हार तुम्ही हो,जीत तुम्ही हो, प्रेम जगत की रीत तुम्ही हो, किन शब्दों में...तुम्हें बताऊँ, मेरी अंतिम....प्रीत तुम्ही हो .... उर्मिला माधव... 28.1.2014...
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