Saturday, 27 January 2018

प्रीत तुम्हीं हो

हार तुम्ही हो,जीत तुम्ही हो,
प्रेम जगत की रीत तुम्ही हो,
किन शब्दों में...तुम्हें बताऊँ,
मेरी अंतिम....प्रीत तुम्ही हो ....
उर्मिला माधव...
28.1.2014...

No comments:

Post a Comment