ये मशीनी वक़्त है,तकनीक को सब इख़्तियार, अब मोबाइल पर टिका है ज़ीस्त का दारो मदार, जब बिगड़ जाये अचानक...गुफ्तगू के दरमियाँ कुछ नहीं हाथों में रहता ....एक सिवाए इंतज़ार... #उर्मिलामाधव 16.1.2017
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