Monday, 15 January 2018

क़ता

ये मशीनी वक़्त है,तकनीक को सब इख़्तियार,
अब मोबाइल पर टिका है ज़ीस्त का दारो मदार,
जब बिगड़ जाये अचानक...गुफ्तगू के दरमियाँ
कुछ नहीं हाथों में रहता ....एक सिवाए इंतज़ार...
#उर्मिलामाधव
16.1.2017

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