आए हो अगर सामने तो वार सम्हालो, भागो न यूँ मैदान से तलवार सम्हालो, ज़ख़्मों की ख़लिश को भी ज़रा झेल के देखो, बचने का कोई फ़न है तो फिर ख़ुद को बचालो.... उर्मिला माधव 19.1.2013
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