ख़ब्त सर पे सवार है उनके, ज़ब्त सीने के पार है उनके, लफ्ज़ भी बस "गुरूर" बोलेंगे, जैसे मुंह में कटार है उनके... उर्मिला माधव... 12.1.2014...
No comments:
Post a Comment