आपकी सूरत हंसीं तो है .….ज़ुरूर, उसके ऊपर सिर्फ़ लिख्खा है ग़ुरूर, इसको पढ़के यूँ समझ लो, जानेमन, जा चुके हैं उम्र भर को .....तुमसे दूर उर्मिला माधव
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