Monday, 24 September 2018

सोते रह गए

सब यहीे समझे ......के सोते रह गए,
हम मगर ......तकिये भिगोते रह गए,
दिल जिगर पै इतने ज़्यादः ज़ख्म थे,
ख़ून के धब्बे ही ..........धोते रह गए..
#उर्मिलामाधव
25.9.2015

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