ज़ीस्त से मुंह मोड़ लेना चाहते हैं, अपना ही दिल तोड़ लेना चाहते हैं, हर दिमाग़ी दर्द से दामन बचा कर, खुद को खुद से जोड़ लेना चाहते हैं..... उर्मिला माधव... 23.9.2014...
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