लोग फितरत से कभी बाज़ नहीं आ सकते, सोज़ की तरहा कोई ..साज़ नहीं ला सकते , जो कभी खुद में कोई ख़ास मुक़म्मल न रहे, टूटते दिल में वो .....आवाज़ नहीं ला सकते... उर्मिलामाधव... 21.9.2015
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