बेटियों की खातिर....
दुख्तर-ए-जज़्बात हूँ कुछ उन्सियत रख्खो ज़रा, वरना इस दुनियां के सारे.....रास्ते मिट जायेंगे..... उर्मिला माधव.... 29.9.2014....
दुख्तर---- बेटी जज़्बात---भावनाएं उन्सियत---हमदर्दी
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