Thursday, 27 September 2018

आते रहते हैं

चाहिए कोई भी …..नहीं हमको,
हमतो बस ..दिल लगाते रहते हैं
दिल को तन्हाइयों का ग़म न रहे,
बस तो महफ़िल  में जाते रहते हैं..
उर्मिला माधव,
28.9.2017

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