दिल सुलगता है धुंआ है,और बहुत तूफ़ान है, आज मेरी रूह से......उलझा ये क़ब्रिस्तान है, देखना है कौन कितनी....देर तक रह पायेगा, आखिरी लम्हा कहेगा किसमें कितनी जान है..!! उर्मिला माधव... 20.9.2015
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