Thursday, 27 September 2018

क्या करता होगा

याद बहुत ही आने वाला,
ना जाने क्या करता होगा,

नौ बज कर सैंतालिस तक तो
मैंने उसको जगते देखा,
उससे ज़्यादा जगने पर फिर,
घर वालों से डरता होगा..

क्या-क्या करता होगा घर में
शायद पढ़ता-लिखता होगा
उसके कपड़े और किताबें,
सब हर रोज़ बिखरता होगा,

या फिर याद किसीको करके
ठंडी आहें भरता होगा
उर्मिला माधव

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