Tuesday, 31 March 2020

आ न पाए

जो तराने रास दिल को आ न पाए,
वो ही दुनिया ने मुझे हरदम सुनाए,
बात बे बुनियाद है..पर सच कहूँगी, 
रात की तन्हाई में....सब गुनगुनाए,
उर्मिला माधव...
1.4.2014...

मुनासिव था

मैंने कर ली थीं दूरियां क़ायम
दूर रहना ही बस मुनासिव था.  ....
#उर्मिलामाधव ...
1.4.2015

दूर रह

मैंने पहले ही कहा था दूर रह,
तुझको ही ज़िद थी गले मिल जाओ ना,
उर्मिला माधव

आदमज़ात हूँ

मर्तबा इंसाँ है मेरा ............और आदम ज़ात हूँ,
अपनी हस्ती से हूँ ज़िन्दा अपनी ख़ुद औक़ात हूँ,
ना ग़ुरूर-ए-हुस्न हूँ, .....ना दुख़्तर-ए-जज़्बात हूँ
इब्तेदा से इन्तेहा तक ......क़िस्सा-ए-हालात हूँ..... 
उर्मिला माधव

Monday, 30 March 2020

लौट जाने के लिए

दे दिया है दिल तुम्हें हरदम दुखाने के लिए,
पर इजाज़त दी नहीं है..लौट जाने के लिए .....
उर्मिला माधव... 
31.3.2014....

उलाहना

उलाहना दे रहे हो,यार तुम तो हद करो हो,बस,
मुहब्बत हो गई तुमसे तो क्या जागीर ले ली है?
::
Ulahan'a de rah'e ho yaar tum to had karo ho bas,
Muhabbat ho gai'i tums'e to kya jaagiir le lii hai ?
Urmila Madhav....
31.3.2016

गिरदाब

मंज़िलों की दूरियां क्यों नापना,
ख़ुद को बस गिरदाब से ऊपर रखो,
*****
ManziloN ki duriyaN kyon naapna,
Khud ko bas girdaab se oopar rakho..
उर्मिला माधव

संवारा जाएगा

एक क़ता------
----------------
आख़िरश ये जिस्म भी कितना सँवारा जाएगा,
और कहाँ तक इसको शीशे में उतारा जाएगा,
इसकी हस्ती कुछ नहीं .बस इन्तिहाई ख़ाक है,
एक दिन काँधों पै रख कर ये ख़ुदारा...जाएगा'
उर्मिला माधव...
30.3.2015

करते भी क्या

एकतरफ़ा प्यार का करते भी क्या,
बे-वफ़ा के नाम पे ...मरते भी क्या?
हम ..जमा ख़ाते में रख्खे थे अबस,
मुफ़्त झूठी आह तब भरते भी क्या..
उर्मिला माधव..
31.3.2017

Sunday, 29 March 2020

संवारा जाएगा

एक क़ता------
----------------
आख़िरश ये जिस्म भी कितना सँवारा जाएगा,
और कहाँ तक इसको शीशे में उतारा जाएगा,
इसकी हस्ती कुछ नहीं .बस इन्तिहाई ख़ाक है,
एक दिन काँधों पै रख कर ये ख़ुदारा...जाएगा'
उर्मिला माधव...
30.3.2015

छोड़ दी

एक शेर....

बारहा उसने उड़ाया जब मुहब्बत का मज़ाक़,
बस तवक़्क़ो उसकी जानिब उम्र भर को छोड़ दी...
*************
Baarh'a usne uday'a jab muhabbat ka mazaq,
Bas tavaqqo uski janib umr bhar ko chhod di'i
Urmila Madhav..
30.3.2016

मजलूम

मजलूम के दिल की तड़पन को एक बार कभी तो जाके सुनो,
वो ख़ुदकुश है,ख़ुद मैय्यत है, ख़ुद ज़िक्र नहीं  करता है बस..

Majloom ke dil ki tadpan ko,ek baar kabhi to jaake suno,
wo khudkash hai,khud maiyyat hai,khud zikr nahin bas karta hai..
उर्मिला माधव...
30.3.2016

रंग बदलती है

Zindagi ......roz rang badalti hai,
Chalne waale ke sath chalti hai,
::
ज़िंदगी ...रोज़ रंग बदलती है,
चलने वाले के साथ चलती है...
उर्मिला माधव,
30.3.2017

Saturday, 28 March 2020

मजमून जानते हो

कहते हो ख़ुदा हाफ़िज़,मजमून जानते हो ?
वो है हफ़ीज़ सबका,क्या इतना मानते हो ?
कैसी ज़बाँदराज़ी आपस में कर रहे हो?
क्यूँ क़ारसाज़ की तुम तौहीन कर रहे हो ?
उसकी नवाज़िशों से हर ज़र्रा पुरअसर है ,
क्यूँ बेवजह ही दर-दर की ख़ाक छानते हो ??....Urmila Madhav........
29.3.2013

परेशान कर दिया

दुनिया की हरक़तों ने..परेशान कर दिया,
कुछ और न हुआ तो बयाबान कर दिया,
हिन्दू कहा हमें तो कभी..और कुछ कहा,
तबियत जो होगई तो मुसलमान कर दिया....
उर्मिला माधव...
29.3.2014..

आज तक

हम जमीं पर पाँव गिन के रख रहे हैं आज तक,
आसमां वाले बता ,......तू देखता किसको रहा..??
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ham zamiin par paanv ginke rakh rahe hain aaj tak,
aasmaan waale bataa .....tuu dekhtaa kisko rahaa.??
#उर्मिलामाधव...
29.3.2015...

ख़म

Tasviirii sher....

Raah mudni hai hamen jab patriyon ka aayega kham,
Hosh kisko hai yahan par maut ka hai fasla kam....

राह मुड़नी है हमें जब पटरियों का आएगा ख़म,
होश किसको है यहाँ पर मौत का है फ़ासला कम...
Urmila Madhav...
28.3.2016

दुनिया महज़

कौन होता है किसीका पासबाँ,
है हुजूम-ए-दुश्मनां दुनियां महज़..
उर्मिला माधव,
29.3.2017

ज़िन्दगी से

हैं तजरिबे अब ज़ियादः ज़िन्दगी से,
किस तरह से ज़िन्दगी लंबी करें हम,
वज़्न बढ़ता जा रहा है हिज्र तेरा
क्या हटा कर ज़िन्दगी हल्की करें हम..
उर्मिला माधव
29.3.2018

सिला क्या देगा

वो किसी ग़ैर की उल्फ़त का सिला क्या देगा,
उसने जब-जब भी ज़ुबां खोली, ज़ह्र घोला है..
उर्मिला माधव ...

Friday, 27 March 2020

नहीं आते

पहले आते थे .अश्क़ आंखों में,
अब ..किसी बात पर नहीं आते,
जो भी करना था तूने कर डाला,
अब तिरी ज़ात पर ...नहीं जाते..
उर्मिला माधव
28.3.2018

चल के आ

तू मेरे दिल की मुश्किलें न बढ़ा,
मेरे घर रोज़-रोज़ चल के आ,
ख़ुद को ख़ुद ही ख़ुदा समझता है
मेरे हिस्से का काम ख़ुद न चला
उर्मिला माधव
28.3.2018

ज़रूरत थी

जब हमें आप की ज़रूरत थी,
आप दुनियाँ के ज़लज़लों में थे,
आपको हम दिखाई देते क्यों,
आप यारों के वलवलों में थे,
उर्मिला माधव

Thursday, 26 March 2020

हुआ करते थे

तुझसे मिलने की दुआ करते थे,
हम कभी ऐसे हुआ करते थे,
किस क़दर दिल ये तड़प उठता था,
जब तिरे ग़म को छुआ करते थे,
27.3.2013

ख़ाहिश नहीं मुझको

किसीसे भी किसी जागीर की ख़्वाहिश नहीं मुझको,

मुहब्बत जिनको होती है वो इतना सोचते कब हैं ?
उर्मिला माधव

Wednesday, 25 March 2020

मक्कार हैं

दोबारा--- :)
=====
कल तलक हम सोचते थे हम बहुत बदकार हैं,
और मुहब्बत के जहाँ में......बारहा मक्कार हैं,
पर ज़रा जब गौर से देखा....तो ये आया नज़र,
एक से बढ़कर एक हैं,हम बे-वजह ग़मख़्वार हैं...
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kal talak ham sochte the,ham bahut badkaar hain,
or muhabbat ke jahan main baaraha makkar hain,
par zaraa jab gaur se dekha..........to ye aaya nazar,
ek se badhkar ek hain,ham be-vajh gamkhwaar hain
#उर्मिला माधव...१४.१२.२०१३..

आगए

ग़म गुज़ारिश की तरह से आगये,
ज़ख्म खारिश की तरह से आगये.
फैसला करने की कूव्वत थी किसे,
अश्क़ बारिश की तरह से आगये,
उर्मिला माधव...
25.3.2016...

ख़त लाइये

कौन इसकी फ़िक्र करता है भला बतलाइये,
गोकि मेरे दर तलक भी आइये, .मत आइये, 
इक वफ़ा के रंग-ओ-बू से आप हैं खाली अगर,
क्या-म-आनी हैं लहू से रंग के भी ख़त लाइए....
#उर्मिलामाधव ....
26.3.2015...

Tuesday, 24 March 2020

पापा करते हैं

मम्मी झुठठो नाम कमाती रहती हैं,
घर के सारे काम तो पापा करते हैं..😊
उर्मिला माधव

सोचा ही नहीं

मैंने सजदे में किसी और को सोचा ही नहीं,
रब ने जब मुझको बड़े ख़ास तरीक़ों से गढ़ा,
उर्मिला माधव

Monday, 23 March 2020

जानती हूँ

वो जो कहते हैं उसे मैं मानती हूँ,
उनकी बातों के इशारे जानती हूँ,
सोचती रहती हूँ उनको रात दिन  
दायरे अपने मगर पहचानती हूँ....
उर्मिला माधव....
24.3.2014...

रह गए

टोलियों के ........टुकड़े होके रह गए,
काले-काले .......मुखड़े होके रह गए,
इससे ज्यादह और फिर होता भी क्या,
लोग ........अपने दुखड़े रोके रह गए....
उर्मिला माधव...
------------------------------------------ 
toliyon ke ......tukde hoke rah gaye,
kaale kaale mukhde hoke rah gaye,
isse zyadah or phir ..hota bhii kyaa, 
log .....apne dukhde roke rah gaye,
Urmila Madhav...
24.3.2016

जारी रखें

ज़िंदगी एक जंग है,जारी रखें,
तीर तो हर सम्त से आने ही हैं...

Zindagi ek jang hai,jaarii rakhen,
Teer to har samt se aane he hain..
उर्मिला माधव,
24.3.2017

Sunday, 22 March 2020

आज़ाद हो

अगर ग़लती ही करनी है करो,आज़ाद हो,लेकिन,
पलट कर लौट आने का कोई रस्ता बचा रखना।।।
Agar galati hi karni hai karo,aazaad ho,lekin,
Palat kar laut aane ka koii rastaa bachaa rakhna..
Urmila Madhav 
23.3.2016

किन्नरों के वेश में

ये सभी प्राणी......अनेकों देश में,
जी रहे हैं.......किन्नरों के वेश में,
नाचते गाते हैं.......औरों के लिए,
जो स्वयं रहते कठिन परिवेश में....
उर्मिला माधव...
23.3.2014....

Saturday, 21 March 2020

देहिया भोजपुरी क़ता

मेरी भाषा नहीं,गलतियां हो सकती हैं... _/\_
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हो गइल मसान..देहिया,
कान रहल सब सनेहिया,
सुगना....फरार हो गईल,
छोड़-तोड़...सबके नेहिया ….
उर्मिला माधव...
22.3.2014...

पानी नहीं है

होली की शुभ कामनाएं--
श्वेता राय 😊

ख़ुदा की मुहब्बत का सानी नहीं है
तुम्हारी मुहब्बत का ..सानी नहीं है,
हक़ीक़त है कोई ....कहानी नहीं है,
के हो सह्ल दिल से,ज़ेह्न से भी सादा,
लो रंगों से होली है,......पानी नहीं है
उर्मिला माधव
22.3.2016

भूलेगा

दिल ने क्या-क्या नहीं भुलाया है
तयशुदा है तुम्हें भी भूलेगा
उर्मिला माधव

पीता नहीं

एक गंदा दोस्त जो कहता था 'मैं पीता नहीं'
आज ये ज़ाहिर हुआ वो बिन पिये जीता नहीं
🤔🤔
उर्मिला माधव

क्या क्या न पूछते

अच्छा हुआ कि हमको......तर्जुबात हो गए,
वरना गधों की शक्ल में क्या-क्या न पूछते...
उर्मिला माधव...
21.3.2014...

तिलिसमात आदमी

जिंदा जला रहा है कोई ज़िन्दगी मगर,
मुर्दे में खोजता है तिलिस्मात आदमी.....
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zinda jalaa rahaa hai koii zindagi magar,
murde main khojtaa hai,tilismaat aadmii....
#urmilamadhvav
21.3.2015...

Thursday, 19 March 2020

ख़बरदार कर दिया

हम तुम,मिलें,मिलें न मिलें,कोई गम नहीं,
बस दुश्मनों से तुमको...खबरदार कर दिया...
उर्मिला माधव...
20.3.2014..

राह चलते हैं

ये किसने कह दिया तुमसे ?तुम्हारे दर पै आये हैं,
ये दुनियां रहग़ुज़र है और यहाँ सब राह चलते हैं...
उर्मिला माधव...
20.1.2015...

मग़रूर है

सांस तक लेने में .......मुश्किल हो रही थी,
और वो कहते रहे,ये किस क़दर मग़रूर है...
उर्मिला माधव,
20.3.2017

गुरूर

वो दिल जला के हमें आग से बचाते हैं,
ग़ुरूर जिनको रहा अपने ख़ास होने का...

Wo dil jala ke hamen aag se bachaate hain,
Ghuruur jinko raha apne khaas hone ka..
उर्मिला माधव
20.3.2018

Wednesday, 18 March 2020

उदास लगता है

ग़मज़दा हूँ,... ये सच नहीं है पर,
कुछ तो है,दिल उदास लगता है....
#उर्मिलामाधव.....
 19.3.2015

डरते ही बने

ज़ीस्त की बुनियाद ऐसी है कि मरते ही बने,
जितना ही इसको समेटो ये बिखरते ही बने,
अनगिनत रानाइयाँ हैं किसको देखेंगे भला,
सूरत-ए-हालात ये कि ...सिर्फ़ डरते ही बने...
उर्मिला माधव..
11.3.2017

Tuesday, 17 March 2020

मीज़ान पर

हमने अपनी खूबियां भी तौल दीं मीज़ान पर,
जब हज़ारों रंजिशों से ....हम घिरे पाये गए,....
#उर्मिलामाधव...
18.3.2015..

सोए नहीं हैं

जबसे हुआ बिछोह तुम्हारा,,तब ही से हम सोये नहीं हैं,
स्वयम अश्रु धारा बहती है,  राम कसम हम रोये नहीं हैं,
दुविधाओं ने जीवन घेरा,.......स्थित प्रज्ञ हुआ मन मेरा,
कंटक जाल नियति ने सौंपे,....अपने हाथों,बोये नहीं हैं..
उर्मिला माधव ..
18.3.2017

बावरी

दामिनी दमकि केँ चमक मारै बावरी,
भीतर ह्रदय के ....कुरेदै सब घाव री,
अँखियाँ बहामें नीर,मनुआँ धरै न धीर,
नित्य प्रति थोड़ौ सो घटै बस चाव री...
उर्मिला माधव,

Monday, 16 March 2020

कुंडलिया छंद

कुण्डलिया छंद ---पहली कोशिश...
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क्या मतलब है आपका,जब देखो तब मांग,
विश्वनाथ सोये हुए.......पीकर अपनी भांग... 
पीकर अपनी भांग उन्हें भी......चैन चाहिए,
अपनी झोली लिए हुए.......सब लौट जाइए...
जब होगा संग्राम वोट का....आना फिर सब,
समय पूर्व ही किसी बात का है क्या मतलब.....
उर्मिला माधव...
17.3.2014..

किरचें

जब तलक किरचें चुभेंगी, याद आएगा मुझे,
दिल मिरा टूटा हुआ,पैरों तले रौंदा गया..
उर्मिला माधव
17.3.2018

मुहाज़िर

इक मुहाजिर कह रहा है, मुझको हाज़िर जान लो,
जिस्म, जां, एहसास सब कुछ मैंने हाज़िर कर दिया...
उर्मिला माधव

Sunday, 15 March 2020

क़ुर्बान ही हुए हैं

हम ज़िन्दगी पे अब तक क़ुर्बान ही हुए हैं,
बा-बस्तगी से दिल की हैरान ही हुए हैं!!
अपनी बुलन्दियों पे क़ायम है आज भी हम,
रुसवाइयों के कितने सामान भी हुए हैं.!    
उर्मिला माधव..
16.3.2013

मन के वास्ते

ये जो कुछ अशआर हैं 'मेरे ज़ेहन के वास्ते',
आपसे साझा किया सब अपने मन के वास्ते,
उर्मिला माधव...
16.3.2014

पानी पानी हो गया

जब से उसने छू दिया सागर की छोटी बूंद को,
बस उसी दम ये मेरा दिल पानी-पानी हो गया....
#उर्मिलामाधव....
16.3.2015....

ख़ूबी

एक शख्स तो ऐसा लाओ,
जिसमें बस ख़ूबी दिखलाओ,
#उर्मिला 
16.3.2015

सब्र

मैंने इक ही लफ्ज़ सीखा ज़िन्दगी से,
गो कि इसको सब्र ही कहते हैं शायद..

Maine ik hi lafz seekha zindagi se,
Go ki isko sabr hi kahte hain shayad...
उर्मिला माधव
16.3.2018

Saturday, 14 March 2020

रोज़गार है उनका

एक नया ....रोज़ प्यार है जिनका,
आशिक़ी .......रोज़गार है उनका,
हमने .....उनसे भी लड़ते देखा है.
जिन पे ...दार-ओ-मदार है इनका  
उर्मिला माधव...
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ek nayaa .......roz pyar hai jinka,
aashiqi ...........rozgaar hai unka,
maine unse bhi ladte dekha hai,
jin pe ...daar-o-madaar hai inka....
Urmila Madhav...
15.3.2016

कैसे हो अब

दिल हमारा दुख गया तो फिर न बोले हम कभी,

जी में ये आता था उससे पूछ लें कैसे हो अब ?
उर्मिला माधव

करे कोई

जिसकी आंखों में कोई रंग नहीं,
उससे .....उम्मीद क्यों करे कोई,
उर्मिला माधव

सृष्टि में

सब परिधियाँ अर्थ अपने खो चुकी हैं सृष्टि में,
अब रहा संसार .......सो है शून्य मेरी दृष्टि में,
कौन गणनाएँ करे आघात ऑर प्रतिघात की,
चेष्टाएँ सब उपेक्षित .....पीर की अतिवृष्टि में,
उर्मिला माधव...
15.11.2016

महे क़ामिल नहीं होता

कोई इश्क-ओ-मुहब्बत में महे क़ामिल नहीं होता
ये वो रुतबा है जो हर शख़्स को हासिल नहीं होता,
बहुत गहराई है देखो जुनून-ए-इश्क में जाकर,
समन्दर ही समन्दर है यहाँ साहिल नहीं होता.....
उर्मिला माधव
14.3.2017

Thursday, 12 March 2020

इज़हार कर गए

जो भी किसीसे प्यार का इज़हार कर गए,
मजबूर ऐसे होगए बिलकुल बिखर गए,
जो ज़िन्दगी के नाम की ज़िन्दा मिसाल थे,
वो अपनी ज़िन्दगी में कई बार मर गए।।....
उर्मिला माधव.
13.3.2013

हंसने लगे

कुछ यूँ ही---

ज़र के मीज़ानों पै रखके दोस्ती जब तुल गयी,
हो गयी रस्साक़शी.....और लोग भी हंसने लगे......
उर्मिला माधव...
13.3.2014...

दुहाई है

वक़्त ने भी वो अदा दिखलाई है,दुहाई है,
मेरे हिस्से मैं फ़क़त  रुसवाई है दुहाई है,
चाँद भी मेरी तरह तनहाई मैं डूबा लगा,
चांदनी चलके यहाँ तक आई है दुहाई है,
उर्मिला माधव...
13.3.2014..

फ़ितरत है

हक बयानी हमारी फ़ितरत है,
तुमको गर रूठना हो,रूठ रहो... 
#उर्मिलामाधव....
13.3.2015...

थक गए

अर्ज़-ए-अदब को अपने तरीक़े से तौल कर
हर्फ़-ए-अलम को लोग समझने में थक गए;
उर्मिला माधव,
13.3.2017

हैरान करदे

ये मर्ग-ए-बशर सा ही ऐहसास क्यूं है,
कभी ज़िंदगी तू भी हैरान कर दे ..

Ye marg-e-bashar sa hii ehsas kyun hai,
Kabhi zindagi tu bhi hairan kar de.
उर्मिला माधव..
13.3.2018

जाल कहते हैं

जहाँ इंसान को मछली,ऑ घर को जाल कहते हैं,
बड़ी हैरत है अपने मुंह से अपना हाल कहते हैं,
उर्मिला माधव

ताबानी

हमारी ताबानी देखो,कभी तुम रु-ब-रु आकर,
वगरना आँख से ओझल की दूरी है पहाड़ों सी.....
उर्मिला माधव,
12.3.2016

जताते थे

हज़ारों मील की दूरी से जो उल्फ़त जताते थे 
ज़रा नज़दीक आते ही वो गाली दे गए मुंह पर ... 
उर्मिला माधव
12.3.2017

जुदा हो कर

Wo jiski bazm me jaa kar panaah lete the,
Bahut udas hua, us-se dil judaa ho kar,

वो जिसकी बज़्म में जा कर पनाह लेते थे,
बहुत उदास हुआ,उससे दिल जुदा हो कर,
उर्मिला माधव 
12.3.2918

ख़ुदा होकर

न तोड़ लेते अगर दिल तो और क्या करते,
वो जब भी सामने आया तो बस ख़ुदा होकर,
उर्मिला माधव
12.3.2018

Wednesday, 11 March 2020

ख़ुदा होकर

दिल को हम तोड़ नईं लेते तो और क्या करते,
वो जब भी सामने आया तो बस ख़ुदा होकर,
उर्मिला माधव
12.3.2018

हम अना को न छोड़ पाए कभी

हम अना को न छोड़ पाए कभी,
जब भी दुनिया अलग हुई हमसे,
हमने पर्दा दुई का रहने दिया,
कोई ख़िदमत भी कब हुई हमसे
उर्मिला माधव

Tuesday, 10 March 2020

मेहरबानी हुई

वो अयादत को जो आए क्या मेहरबानी हुई,
उनके क़दमों में झुकी जो मेरी पेशानी हुई,
यूं मुसलसल डूबती जाती थीं साँसें दम-ब-दम,
यक़-ब-यक़ देखा उन्हें तो हमको हैरानी हुई,
अपनी ना-उम्मीदगी से पूछते थे हम सवाल,
रहग़ुज़र वो भूल बैठे या कि नादानी हुई??......उर्मिला माधव..

अयादत----बीमार का हाल पूछना.
11.3.2013

सबब कुछ नहीं

लो उन्सियत न हमको ज़माने से अब रही,
ग़ैरों की जुस्तजू का सबब कुछ नहीं जनाब...
उर्मिला माधव...
11.3.2015

दिलाया है अभी

तुमने एक शख्स मुझे याद दिलाया है अभी,
उसकी तर्ज़ों को यहीं गा के सुनाया है अभी,
मुझको दरक़ार है कुछ वक़्त सँभलने के लिए,
उसकी यादों ने बहुत मुझको रुलाया है अभी.....
#उर्मिलामाधव ...
11.3.2015...

गलीचों से

जिनका हर रंग था अनादारी...
वो ही बिछते हैं अब गलीचों से
––––
Jinka har rang tha anaa daari..
Wo hii bichhte hain ab galiichon se..
Urmila Madhav...
11.3.2016

सबब कुछ नहीं

लो उन्सियत न हमको ज़माने से अब रही,
ग़ैरों की जुस्तजू का सबब कुछ नहीं जनाब...
उर्मिला माधव...
11.3.2017

जज़्ब कर लिया

जो जिस तरह से आया उसे जज़्ब कर लिया,
मैंने किसी भी ज़ख़्म को चलता नहीं किया..
उर्मिला माधव
11.3.2018

डरते ही बने

ज़ीस्त की बुनियाद ऐसी है कि मरते ही बने,
जितना ही इसको समेटो ये बिखरते ही बने,
अनगिनत रानाइयाँ हैं किसको देखेंगे भला,
सूरत-ए-हालात ये कि ...सिर्फ़ डरते ही बने..
उर्मिला माधव..

Sunday, 8 March 2020

जोड़ा है

हमें इस ज़िंदगी ने इस तरह तोड़ा मरोड़ा है,
कि जीने के लिए ख़ुद को बहुत मुश्किल से जोड़ा है,
कभी हम उठके चलते हैं कभी फिर टूट जाते हैं,
कई हालात में इसने हमें मँझधार छोड़ा है..।....
उर्मिला माधव.
9.3.2013

जज़्बात रोते हैं

किसीकी आँख रोती है,
 मेरे जज़्बात रोते हैं,
सुबह हो शाम हो शब हो,
 क़फ़न हम रखके सोते हैं ।....
उर्मिला माधव..
9.3.2013

कमाया करो

यार ये क्या कि यूँ वक़्त ज़ाया करो,
तुम मुहब्बत भी थोड़ी कमाया करो,

पूरी दुनिया में फिरते हो.....मारे हुए,
चलते-फिरते इधर को भी आया करो 

आओ बैठो ज़रा दिल की बातें करो,
आधे रस्ते से मत लौट जाया करो,

अपने लफ़्ज़ों में पैदा करो तो असर,
कहते-कहते न तुम भूल जाया करो,

कितनी पहचान रखते हो इंसान की 
हर किसी को नहीं गम सुनाया करो 
उर्मिला माधव...
9.3.2014..

सकती हूँ मैं

एक शेर---- 
दर्द से भरपूर अपने  लफ़्ज़ों की...तासीर से,
हर कलेजे में उतर कर पार जा सकती हूँ मैं....
उर्मिला माधव...
9.3.2014...

मंच है

🙂🙂🙂🙂

आपके हाथों में...ग़र कोई मंच है.
आपकी किस्मत समझ लो टंच है 
अच्छे अच्छे ...सामने झुक जायेंगे,
ये क़ता है और..महज़ एक पंच है....
उर्मिला माधव...
9.3.2017

Saturday, 7 March 2020

मगर क्या हो

बनाना तो हमें भी था यहां इक घर मगर क्या हो,
ज़मीं के हर मुहाने पर फ़क़त इक लाश रख्खी है
उर्मिला माधव

Friday, 6 March 2020

मुहाल है

ग़म की सियाह रात है जीना मुहाल है,
क्यूँ मुख़्तलिफ़ है इम्तिहाँ अब ये सवाल है?
तनहाइयों से लड़के ग़ुज़ारी है ज़िन्दगी,
अब तक भी हाथ ख़ाली हैं इसका मलाल है। उर्मिला माधव.
 7.3.2013

आदम ज़ात हूँ

मर्तबा इंसाँ है मेरा और आदम ज़ात हूँ,
अपनी हस्ती से हूँ ज़िन्दा अपनी ख़ुद औक़ात हूँ,
ना ग़ुरूर-ए-हुस्न हूँ ना दुख़्तर-ए-जज़्बात हूँ
इब्तेदा से इन्तेहा तक क़िस्सा-ए-हालात हूँ
उर्मिला माधव
२२.१.२०१३
22.10.2014

मालूम तो हो

मरने को तो मर जाते पर ...बात नहीं जंचती हरगिज़ 
इसके बाद का जलवा क्या है,ये हमको मालूम तो हो...
#उर्मिलामाधव ...
7.3.2015....

जमा भी दूँ

मैं वफ़ा का रंग जमा भी दूँ,
तेरा नाम लब पै सजा भी दूँ,
मुझे क्या मिलेगा नतीजतन,
तू बता तो तुझको,हवा भी दूँ...
उर्मिला माधव..
7.3.2016

Wednesday, 4 March 2020

मुस्कुराते हैं

दिल के हालात हम छुपाते हैं,
इसलिए.....खूब मुस्कुराते हैं, 
दर्द-ए-गम ओढ़नी से ढकते हैं 
छुप के....कोने में बैठ जाते हैं,
उर्मिला माधव...
5.3.2014...

ख़राब लगती है

मुझको होली ख़राब लगती है,
सच तो ये है,अज़ाब लगती है,
दिल तो मिलते नहीं हैं लोगों के,
झूठ का इक नक़ाब लगती है.....  
#उर्मिलामाधव ...
5.3.2015

निसबतें

मेरी सबसे पसंदीदा  रचनाओं में से एक 

हम चुकाते रह गए ...सच बोलने की कीमतें,
तोड़ कर जाते रहे सब .उम्र भर की निसबतें,
यूँ भी तबियत के हमेशा हम बहुत नादिर रहे,
रास भी आईं तो कुछ तन्हाईयाँ और खलवतें.
उर्मिला माधव
5.3.2016

Monday, 2 March 2020

आज़ाद हैं

मुझको जो कहना था मैंने कह दिया,
तब्सरा करने को सब आज़ाद हैं
उर्मिला माधव

देखा किये

उसका नश्शा ही न उतरा उम्र भर,
ये समां हम उम्र भर देखा किये
उर्मिला माधव
3.3.2018

Sunday, 1 March 2020

मुहब्बत

हमको भी मुश्किलों से मुहब्बत सी हो गई,
ये जान के ही  बाद-ए-सबा थक के सो गई,
#उर्मिलामाधव ....
2.3.2015...

किरदार

आपने देखी कहाँ है,असलियत किरदार की,
जो दिखाया जा रहा था,.वो ही देखा आपने ..
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Aapne dekhi kahan hai,asliyat kirdaar ki,
Jo dikhaya ja raha tha,wo hi dekha aapne..
उर्मिला माधव,
2.3.2017

होली है

जुबां से रंग कह दूं तो समझ लेना के होली है,
महज़ सादा बयानी है, मुझे कहना नहीं आता,
उर्मिला माधव