Tuesday, 6 February 2018

नूर-ए-हिंदुस्तान

ग़ैर मुल्क में चर्चे इसके ....नूर-ए-हिन्दुस्तान हुई,
लाशों के अंबार पै बैठी ....दिल्ली क़ब्रिस्तान हुई,
लाल किले की दीवारों से ..परचम भी लहराता है,
किसे ख़बर है,इसके पीछे,किसकी जां क़ुर्बान हुई...
उर्मिला माधव
7.2.2015..

No comments:

Post a Comment