<3 <3 बारिश तो हो रही है सावन उदास क्यूँ है? तनहाइयों का आलम ही आसपास क्यूँ है? काली घटा के साये घिर-घिर के आ रुहे हैं, अब तेरी मुहब्बत का ऐसा लिबास क्यूं है?.....उर्मिला माधव 25.2.2013
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