ये मेरे शेर और क़तआत ---
Thursday, 22 February 2018
शेर
आँखें मेरी थक गई हैं,सर बहुत दुखने लगा,
नींद से कहना ज़रासा,इस तरफ़ भी आएगी,
23.2.2018
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