जमादे रंग बस अपना...कि मौसम हो तो ऐसा हो, हकीक़त भी लगे सपना कि मौसम हो तो ऐसा हो, नज़र की हद तलक तो है....वसंती रंग की दुनियां, न हो खुर्शीद में तपना....कि मौसम हो तो ऐसा हो.... उर्मिला माधव... 4.2.2014....
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