उन्हें हमसे मुहब्बत में शिकायत होगई है अब, कि पैग़ाम-ए-मसर्रत में किफ़ायत होगई है अब, ज़रूरी तो नहीं अब तक वो हमको याद ही रक्खें निगाह-ए- ग़ैर की उन पर इनायत होगई है अब।...उर्मिला माधव. 26.2.2013
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