नींद आई तो ख़्वाब देखेंगे, जोड़ बाक़ी,हिसाब देखेंगे कैसे ख़ुद पै हंसे कहाँ रोये, दिन का लब्बे लुवाब देखेंगे.... #उर्मिला 8.2.2015...
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