Tuesday, 6 February 2018

ज़िंदा जले

क्या अजब आतिश क़दा थे ज़िन्दगी के मरहले,
आग सा अहसास था  और उम्र भर ज़िंदा  जले....
उर्मिला माधव...
7.2.2014...

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