Saturday, 3 February 2018

जोड़े ऑ तोड़े

तितलियों के पंख तोड़े,.......फूल के डंठल निचोड़े,
कौन प्रिय कहकर तुम्हें,एक दीर्घ सी निःश्वास छोड़े,

सत्य की पहचान हो तो कोई भी मुंह मोड़ लेगा,
है भला एकांत तो फिर क्यों अधिक जोड़े ऑ तोड़े...
#उर्मिला
4.2.2015....

No comments:

Post a Comment