हद से ज़्यादा खुदा की..अना हो गयी, मेरे हाथों की मेंहदी......फना हो गयी, नाम जिसका लिखा था जबीं पर मेरी, उम्र भर को वो बिंदिया..मना हो गयी.... उर्मिला माधव... 7.2.2014
No comments:
Post a Comment