Sunday, 10 March 2019

कुछ नहीं जनाब

लो उन्सियत न हमको ज़माने से अब रही,
ग़ैरों की जुस्तजू का सबब कुछ नहीं जनाब...
उर्मिला माधव...
11.3.2017

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